आज का युग कंप्युटर का युग है जरा आप सोचिये क्या अखबार बिना कंप्युटर के निकल सकते हैं ठीक वैसे ही पत्रकार भी कंप्युटर से दूर नही रह सकते लेकिन वायरस एक ऐसी बीमारी है की इसने पत्रकारों को कंप्युटर से दूर कर दिया वह भी एक नही पूरे एक सप्ताह के लिए । आपको लगेगा की जैसे हमारा नाश्ता कोई छीन ले गया हो लेकिन क्या करे ऐसा कभी कभी हो जाता है इसकी मार सिर्फ़ छात्रों पर ही नही बल्कि हमारे परमप्रिय पिता समान गुरु पर भी पड़ा जब वे हमारा दर्द सहते हैं तो आप सोचिये क्या हमें दर्द नही हुआ होगा लेकिन क्या किया जा सकता है जब जिसको मौका मिलता है सब उसको खूब भाजानते हैं । मानव प्रवृति ही कुछ ऐसी है फ़िर भी हम अच्छा मानव कहलाना पसंद करते हैं । क्या कीजियेगा हम अपना आकलन करते ही नही हैं । लगभग ५ दिन बाद जब हमारे हाथ कंप्युटर लगे तो हमने खूब कंप्युटर को ढोलक की तरह बजाया करते भी क्यों नही आख़िर कई दिन बाद जो यह सुख मिला था