
कितना अच्छा होता इस प्यार पर्व पर पूरी दुनिया भेदभाव मिटाकर एक हो जाती और सारा भेदभाव मिट जाता तो फ़िर कहा जाता न की प्यार की जीत हुयी ऐसे में कौन क्या करता है कौन क्या पाटा है किसी को पता ही नही चलता बस प्रत्येक साल यह आता है और मुनाफा कमाकर चला जाता है । आज जिसको प्यार कहा जाता है उसके इजहार के लिए इस दिन का होना इतना अनिवार्य नही है वह तो किसी भी दिन हो सकता है । काश इस दिन पूरी दुनिया एक हो जाती कोई भेदभाव जात पात उंच नीच के नाम पर नही होता मजहब के नाम पर लडियां बंद हो जाती तो सही मायने में वैलेंटाइन डे की जीत होती।
1 टिप्पणी:
वाकई बहूत अच्छा होता
एक टिप्पणी भेजें