जब आपकी पार्टी में कोई नेता होता है तो आप उसकी इज्जत करते हैं और वह भी आपकी इज्जत करता है लेकिन यदि आप उसकी इज्जत लेने पर उतारू हो तो फ़िर क्या होगा । वह भी ऐसे समय में जब चुनाव हो उस समय आपकी एक एक हरकत मिडिया के सामने होती है और आप गलती कर बैठती है तो फ़िर आपको भोगना तो पड़ेगा ही न । जरा बताइए इस समय उमा भारती पर क्या बीत रही होगी जब पार्टी का एक नेता उनके द्वारा अपमान किए जाने पर पार्टी छोरकर चला जाता है तो आपकी जगहसाई होगी न । तो फ़िर क्यों करते हैं ऐसा । इस समय यदि आपके पार्टी की अन्दर की बातों को यदि वह लीक कर दे तो नुक्सान किसका होगा बताइए । आप सीएम बनाना चाहती हैं वह तो फिलहाल नही चाहता । तो सिर्फ़ अपनी ही इज्जत मत कीजिये दूसरों की भी इज्जत किया कीजिये ।
बृहस्पतिवार, 6 नवम्बर 2008
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2 टिप्पणियाँ:
कुछ महिलाएं बड़ी भावुक होती हैं, गुस्से में आकर कुछ भी उल्टा सीधा आगे पीछे देखे बिना कर डालती हैं. और उमा जी तो अपनी तुनकमिजाजी के लिए प्रसिद्ध रहीं हैं, भाजपा से भी तो उन्हें इसी वजह से निष्काषित किया गया था और इसी तुनकमिजाजी की वजह से ही वापस पार्टी में लेने से साफ़ इंकार.
आधार खोने की कुंठा में हाथ चल गया सर जी. सॉरी!!!
प्रहलाद के ईलाके में और किस आशा से पहुँची थी कि लोग उन्हें पूछेंगे. गोटेगांव, छिंदवाड़ा, जबलपुर, सिवनी वगैरह में प्रहलाद ही भारी हैं.
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